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कौन खुश और कौन दुखी; केजरीवाल की गिरफ्तारी पर क्या बोल रहे हैं पुराने साथी

नई दिल्ली:- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया। हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाए जाने के कुछ घंटों बाद ही ईडी की टीम उनके आवास पर पहुंच गई।

करीब 2 घंटे तक पूछताछ के बाद रात 9 बजे उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जहां आम आदमी पार्टी आक्रोशित है तो विपक्ष के कई दलों ने गिरफ्तारी का विरोध किया है। कभी केजरीवाल के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी की नींव रखने वाले कुछ नेताओं ने भी अलग-अलग तरीके से इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

योगेंद्र यादव ने किया विरोध

आम आदमी पार्टी के संस्थापकों में शामिल रहे योगेंद्र यादव ने लोकतंत्र की मर्यादा का हवाला देकर गिरफ्तारी का विरोध किया है। केजरीवाल से मतभेदों की वजह से आम आदमी पार्टी से निकाले गए योगेंद्र यादव ने लिखा, ‘राजनीतिक सहमति असहमति अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादा सर्वोपरि है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी इस मर्यादा का चीरहरण है। इस हिसाब से तो इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले में पूरी केंद्रीय कैबिनेट को जेल में होना चाहिए। लोकतंत्र में आस्था रखने वाले हर भारतीय को इसके विरोध में खड़ा होना चाहिए।’

 

कुमार विश्वास ने कसा तंज

आम आदमी पार्टी के कभी प्रमुख चेहरा रहे कवि कुमार विश्वास ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर तंज कसा और इसे कर्मों का फल बताया। हालांकि उन्होंने केजरीवाल का नाम नहीं लिया। लेकिन सोशल मीडिया पर एक तस्वीर और रामचरित मानस की एक चौपाई उन्होंने इसी वक्त पोस्ट की जिस वक्त केजरीवाल को गिरफ्तार करने की खबर आई। खुद के भगवान के सामने नतमस्तक वाली तस्वीर लगाते हुए कुमार विश्वास ने लिखा, ‘कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चखा॥’

प्रशांत भूषण क्या बोले

आम आदमी पार्टी के गठन में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत भूषण ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को हैरान करने वाला बताया। उन्होंने लिखा, ‘विडंबना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा के अपने बॉसेज के लिए कॉर्पोरेट से धन उगाही करने वाले ईडी के जिन अफसरों की जांच होनी चाहिए और केस चलना चाहिए, पिछली रात चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल को बिना किसी दस्तावेजी सबूत के गिरफ्तार कर लिया। हैरान करने वाला निंदनीय।’

साजिया इल्मी ने याद दिलाया अन्ना आंदोलन

अब भाजपा का दामन थाम चुकीं साजिया इल्मी भी कभी अरविंद केजरीवाल की बेहद करीबी नेता थीं। उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद अन्ना आंदोलन का जिक्र करते हुए निशाना साधा। इल्मी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान फिर भी कम निकले ! कौन सोच सकता है कि अन्ना हजारे आंदोलन में जिसने इतना बड़ा किरदार निभाया था। भ्रष्टाचार से लड़ने का जिसने स्वांग रचा था। जिसने कहा था कि निकलो बाहर मकानों से, जंग लड़ो बेइमानों से। वह आज के दिन तीसरी बार का मुख्यमंत्री बनकर शराब घोटाले में इतने संगीन आरोपों के तहत पकड़ा जाएगा, लेकिन बेशर्मी वैसी की वैसी बनी हुई है।’

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