हैदराबाद (तेलंगाना) : तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (एचसीयू) के पास विवादास्पद क्षेत्र में 400 एकड़ जमीन से एक इंच भी जमीन नहीं छीनी गई।
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, उद्योग और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू और राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने मीडिया को बताया कि सरकार ने अदालत में जीत हासिल करने के बाद जमीन वापस ले ली है। हजारों करोड़ रुपये की कीमत वाली इस जमीन को निजी अतिक्रमण से बचाया गया और अब इसका इस्तेमाल आईटी कंपनियों की स्थापना के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
मंत्रियों ने आरोप लगाया कि बीआरएस और भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैला रहे हैं और लोगों से वादा किया कि एचसीयू की जैव विविधता को पर्याप्त रूप से संरक्षित किया जाएगा।
विक्रमार्क ने बताया कि विवादित जमीन 1996 में एक धोखाधड़ी करने वाली कंपनी को आवंटित की गई थी और वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इस सौदे को रद्द कर दिया था। कानूनी लड़ाई कई सालों तक चली और आखिरकार तेलंगाना की कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने केस जीत लिया। सरकार का इरादा हाईटेक सिटी जैसे आईटी पार्क विकसित करके हज़ारों नौकरियाँ पैदा करना है। छात्रों को विपक्ष के दुष्प्रचार से धोखा खाने से सावधान किया गया।